INDIAN HISTORY AND TRAVELING INFORMATION

भारत में निर्मित पहली स्टील्थ फ्रिगेट नीलगिरि का जलावतरण

 




स्वदेश निर्मित पी १७ ए श्रेणी के पहले स्टील्थ ब्रिगेड आईएनएस नीलगिरि का समुद्र में परीक्षण के लिए जलावतारा मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के डाकयार्ड में २८ सितम्बर २०१९ को किया गया। आईएनएस नीलगिरि राडार की पकड़ में न आने वाली युद्धपोत है। इसका जलावतरण भारत के रक्षामन्त्री  श्री राजनाथ सिंह जी की पत्नी श्रीमती सावित्री देवी ने रक्षमंत्री व् नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह की उपस्तिति में किया। नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे.


इसकी लॉन्चिंग के अवसर पर रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने इसका महत्व समझते हुए कहा की आईएनएस देश के समुद्री हितो के लिए किसी भी पारम्परिक व् अपारम्परिक खतरों से निपटने के लिए नौसेना के आधुनिकीकरण के साथ साथ इसे बेहतरीन प्लेटफार्म हथियारों और सेंसर से लैस करने के ठोस प्रयास सरकार  द्वारा किये जा रहे है।

उन्होंने बताया की मूल्य की दृष्टि से ७० प्रतिशत व् मात्रा की दृष्टी से ९५ प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से किया जाता है। ऐसे में देश की सुरक्षा व् आर्थिक सुरक्षा की दृष्टिकोण से आईएनएस काफी उपयोगी हथ्यार है. हिन्द महगार को तमांम गतिविधियोंका केंद्र बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा की पूरी दुनिया भारतीय नौसेना को एक सुधा सुरक्ष प्रदाता के रूप में देख ती है। उन्होंने कहा की भूराजनीतिक एवं भूसमारिक आयाम में भारत के बढ़ाते कदम और उसके ऊपर पडोसियोंके बढ़ाते निर्भरता के मद्देनज़र भारतीय नौसेना की यह जिम्मेदारी बनती है की वह विश्वसनीय सुरक्षा व् शांत व् सुरक्षित समुद्री मार्ग उपलब्ध कराये।

इसी के साथ श्री राजंत सिंह जीने यह भी कहा की इसके साथ साथ अन्य छह युद्धपोत भारतीय ध्वज के साथ समुन्दर में उतरे जायेंगे। और वह भारत का जहाज निर्माण क्षमता प्रदर्शित करते हुए भारत के शांति के सन्देश को दुनियाभर में फैलाएंगे।


इसी परिक्षेत्र में देश में जहाज निर्माण के क्षेत्र में विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा की जहाज निर्माण में काफी श्रमबल की जरुरत होती है। और न की इसी क्षेत्र में बल्कि विभिन्न उद्योगों के लिए रोजगार सृजन की अप्पर क्षमत मौजूद रहती है। उन्होंने बताया की एक युद्धपोत की निर्माण से ८ वर्ष की अवधि के लिए ४८०० कर्मियों को प्रत्यक्ष २७०० कर्मियों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलता है। इसके साथ साथ कुल युद्धपोत लगत भी लगभग ८७ प्रतिशत  भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश की जाती है। जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देती है।

0 Comments