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Jal Mahal Jaipur Rajasthan In English


   Jal Mahal is located in the middle of the Man Sagar Lake in Jaipur city of Rajasthan. It was built by Maharaj Pratap Singh and it was renovated by Maharaja Jaisingh in the 16th century. Every year thousands of tourists come to see this and to see the spectacular views here and enjoy the beauty. From the banks of this lake you can rent Rajput style Nav. Those who make the Vrindavan boat builder and you can come slowly to the palace. This area of ​​the sixteenth lake was a natural depletion used to store water, after a severe drought, Shashako built a dam here for water conservation and deposition. Thus the construction of the lake was completed and the palace was renovated and given its original shape.


The architecture of Jalmahal reflects the struggle between Mughal and Rajput styles. This five-storey building is built of red sandstone, with only the top floor completely open and visible. The rest of the storey is submerged in water. The corridors and spacious rooms adorned on the first floor make the tourists happy before going up and seeing the most beautiful part of Jal Mahal. The paintings on its ceilings and walls tell the stories of Rajputs. The chaat has a rectangular umbrella which is made from Bengali architecture. While the Chhatriya bani on the Kono is half octagonal, which is carved with beautiful domes.


The palace on the top floor is the most attractive and aromatic garden named Chameli. In it, there is a marble passageway for tourists to roam. Along with this, a platform of marble has been built on which rest can be enjoyed at this place. Attractive flower beds are made on all the four corners of the garden. The water fountain joins the wall of the bed in the fountain, which fills this tiger with more freshness. In the center, the marble platform is made for display of art under the open sky and it has a seating area of ​​250 clouds in a flower structure. There are about 150 varieties of trees and plants, such as Aravalli plants, ground cover, ornamental plants, many varieties of white flowers such as Mogra, Juhi, Jasmine, Champa and some Peepal and Banyan trees which are older than century.

This palace has Badal Mahal, Gulab Tibri, Ram Niwas Tibri and Anand Mahal Teabri. In the past few years, the Rajasthan government has done a lot of repairs in this palace. Dripping water was the biggest problem of this palace. But after repairing, there is little improvement here. For the convenience of the travelers, the government is also considering opening luxury hotels, craft markets, convention centers and food shops here.


जल महल जयपुर राजस्थान हिंदी 



   जल महल राजस्थान के जयपुर शहर में मान सागर झील के मध्य में स्थित है। इसका निर्माण महाराज प्रताप सिंह ने करवाया था और इसका पुनरोद्धार १८ वि सदी में महाराजा जयसिंघ ने करवाया था। हर साल हजारो पर्यटक इस  देखने और यहाँ के शानदार नज़ारे देखने और  सौंदर्य का आनंद लेने आते है। इस झील के किनारे से आप राजपूत शैली की नव किराये पर ले सकते है। जो वृन्दावन नाव निर्माता बनाते है और आप धीरे धीरे महल तक आ सकते है। सोलहवीं झील का यह इलाका प्राकृतिक डिप्रेस्शन था जिसका इस्तेमाल पानी जमा करने के लिए किया जाता था बाद में जबरदस्त सूखा पड़ने के बाद इसपर शाशको ने पानी संरक्षण और जमाव के लिए यहाँ बाँध बनवा दिया। इस प्रकार झील का निर्माण पूर्ण हुआ और महल को पुनर्निर्मित करके इसे मूल रूप दिया गया। 

जलमहल की वास्तुकला मुग़ल और राजपूत शैलियों के संग्राम को दिखती है। यह पांच मंजिला ईमारत लाल बलुआ पत्थर से बानी हुयी है ,जिसकी सिर्फ सबसे ऊपरी मंजिल पूरी तरह खुली हुई है और दिखाई भी देती है। बाकि सब मंजिले पानी में डूबी हुई है। पहली मंजिल पर करने से सजे गलियारे और विशाल कमरे पर्यटकों को ऊपर जाकर जल  महल का सबसे खूबसूरत हिस्सा देखने से पहले ही खुश कर देते है। इसकी छतो और दीवारों पर बने चित्र राजपूतो की कहानिया बताती है। चाट पर एक आयताकार छतरी है जो बंगाली वास्तुकला से बनायीं गयी है। जबकि कोनो पर बानी छत्रिया अर्ध अष्टकोणीय है जो की सुन्दर गुम्बदों के साथ बानी है। 


शीर्ष मंजिल पर महल सबसे आकर्षक और खुशबूदार बगीचा है जिसका नाम चमेली है। इसमें सैलानियों के घूमने के लिए संगेमरमर के रस्ते बने हुए है। साथ ही संगेमरमर के प्लेटफार्म बने हुई है जिसपर आराम करते करते इस जगह पर शांति का आनद लिया जा सकता है। बाग़ के चारो कोनो पर फूलों की आकर्षक क्यारिया बानी है। पानी का झरना क्यारियों की दीवार से होता हुआ फव्वारे में मिल जाता है जो इस बाघ को और ताजगी से भर देता है। बीच में  बना हुआ संगेमरमर का मंच खुले आसमान के निचे कला के प्रदर्शन के लिए बना है और इसमें फूलों का ढांचा में २५० मेहमनों की बैठने की जगह है। यहाँ लगभग १५० किस्मो के पेड़ और पौधे है ,जैसे अरावली पौधे ,ग्राउंड कवर ,सजावटी पौधे ,सफेद फूलो की कई किस्मे जैसे मोगरा ,जूही,चमेली,चंपा और कुछ पीपल और बरगद के पेड़ भी है जो सदी से भी पुराने है। 

इस महल में बदल महल ,गुलाब टीबरी ,राम निवास टीबरी और आनद महल टीबरी है। पिछले कुछ सालो में इस महल में राजस्थान सरकार ने बहुत मरहम्मत करवाई है। पानी का टपकना इस महल की सबसे बड़ी समस्या थी। पर मरहम्मत करने के बाद यहाँ पर थोड़ा सुधर हुआ है। यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार लक्ज़री होटल ,शिल्प बाजार ,कन्वेंशन सेंटर और खाने पीन की दुकाने खोलने का विचार भी यहाँ पर कर रही है।




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