INDIAN HISTORY AND TRAVELING INFORMATION

Umaid Bhawan Palace Museum


 It is one of the largest private palaces in the world, it is a part of the Taj Hotel. The grandson of Maharaja Umaid Singh, who currently owns it. At present, this palace has 37 rooms. This Asha Bhawan Palace was also known as Chittar Palace earlier when it was under construction, this palace was completed in 1943. Asha Bhawan Palace was named after its founder Raja Umaid Singh. This beautiful palace is also known as Chittar Palace due to its location on Chittar hill.
It is a perfect example of Indo-colonial architectural style and deco art. Deco art architectural style dominates here and is a style dating back to the 1920s and 1730s. This palace was built by carving and breaking the sandstone that was carved into the palace. During the construction of the palace, spices were not used to tie stones. This distinctive large number attracts tourists to this palace. The architect of this beautiful palace was Henry Vaughan, an Englishman.

A part of the palace has been converted into a heritage hotel while the remaining part is in the form of a museum. Presently the owner of Umaid Bhawan is Gaj Singh. The palace has three parts, a luxury Taj Hotel dating from 1982, one for the royal family and a museum. The opening hours of the museum are from 7 am to 5 pm. There is also a gallery where many things are seen.

उम्मेद भवन पैलेस संग्रहालय 



यह दुनिया के सबसे बड़े निजी महलो में से एक है यह ताज होटल का ही एक अंग है।  महाराज उम्मेद सिंह के पौत्र ने दिया था जो वर्तमान में इसके मालिक है। अभी वर्तमान समय में इस पैलेस में ३४७कमरे है। इस उम्मीद भवन पैलेस को पहले चित्तर पैलेस के नाम से भी जाना जाता था जब इसका निर्माण चालू था यह पैलेस १९४३ बनकर तैयार हुआ था। उम्मीद भवन पैलेस का नाम इसके संस्थापक राजा उम्मेद सिंह के नाम पर रखा गया था। चित्तर पहाड़ी पर होने के कारन यह सुन्दर महल चित्तर पैलेस के रूप में भी जाना जाता है। 

यह भारत औपनिवेशिक स्थापत्य शैली और डेको कला का एक आदर्श उदाहरण है डेको कला स्थापत्य शैली यहाँ हावी है और यह १९२० और १६३० के दशक के आसपास की शैली है। महल को तराशे गए बलुआ पत्थरो को तराशकर और तोड़कर यह महल बनाया गया था। महल के निर्माण के दौरान पत्थरो को बांधने के लिए मसाले का उपयोग नहीं किया गया था। यह विशिष्ट बड़ी संख्या में पर्यटकों को इस महल की और आकर्षित करती है। इस सुन्दर महल के वास्तुकार हेनरी वॉन ,एक अंग्रेज थे। 

महल का एक हिस्सा हेरिटेज होटल में परिवर्तित कर दिया गया है जबकि बांकी हिस्सा एक संग्रहालय के रूप में है। वर्तमान में उम्मेद भवन का मालिक गज सिंह है। इस पैलेस के तीन भाग है ,एक लग्जरी ताज होटल जो १९७२ से है ,एक शाही परिवार के लिए तथा एक संग्रहालय है। संग्रहालय के खुलने का समय सुबह ९ बजे से शाम ५ बजे तक है। यहाँ एक दीर्घा भी है जहा कई चीजे देखने को मिलती है।





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